जयपुर, 14 दिसंबर।
राजधानी जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र से रविवार को ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ का भव्य एवं ऐतिहासिक शुभारंभ हुआ। देशभर से पधारे संतों, गोभक्तों एवं गोसेवकों की सर्वसम्मत उपस्थिति में गौमाता को राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए एक निष्काम, अहिंसक और राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन की मजबूत नींव रखी गई।
गौमाता एवं नंदी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित इस संगोष्ठी में यह स्पष्ट किया गया कि यह अभियान किसी भी संस्था, संगठन या राजनीतिक दल से परे रहकर संचालित होगा। आंदोलन का एकमात्र उद्देश्य गौमाता की गरिमा की पुनर्स्थापना, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध तथा गोवर्धन आधारित संस्कृति के संरक्षण हेतु प्रभावी नीतियों का निर्माण सुनिश्चित करना है।
गौ रक्षा हेतु केंद्रीय कानून की मांग
सम्मेलन में उपस्थित संतों और गोसेवकों ने केंद्र सरकार से गौ रक्षा के लिए सशक्त केंद्रीय कानून बनाए जाने की मांग की। इसके साथ ही गौहत्या एवं गोतस्करी में लिप्त अपराधियों के लिए आजीवन कारावास का प्रावधान, जब्त वाहनों का उपयोग गोशालाओं के हित में किए जाने तथा गौ संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाए जाने पर जोर दिया गया।
उद्योग, मंदिर और बाजार में गौ आधारित व्यवस्था
संगोष्ठी में यह भी निर्णय लिया गया कि औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन से पूर्व किसी न किसी गौ सेवा गतिविधि से जोड़ना अनिवार्य किया जाए। सरकारी नियंत्रण में संचालित मंदिरों में भोग, आरती, पूजा एवं प्रसाद के लिए केवल देसी गौमाता के दूध, दही एवं घी के उपयोग की व्यवस्था हो। साथ ही बड़े शॉपिंग मॉल्स में गौ आधारित कृषि उत्पादों एवं देसी डेयरी उत्पादों के लिए विशेष काउंटर स्थापित किए जाएं।
आंदोलन में नारी शक्ति की निर्णायक भूमिका
महामंडलेश्वर पुष्पा बाई एवं कमल दीदी ने महिलाओं की सहभागिता को आंदोलन की आत्मा बताते हुए कहा कि नारी शक्ति के बिना गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने का स्वप्न अधूरा रहेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के जुड़ाव से पूरा परिवार स्वतः इस आंदोलन से जुड़ जाएगा।
15 अगस्त 2027 तक चलेगा शांतिपूर्ण आंदोलन
अभियान की कार्ययोजना के अनुसार जनवरी से मार्च 2026 तक देशव्यापी जनजागरण होगा। अप्रैल 2026 में प्रत्येक तहसील और जिला मुख्यालय पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे। अपेक्षित परिणाम न मिलने की स्थिति में चरणबद्ध प्रयास जारी रहेंगे।
27 फरवरी 2027 को देश के 800 जिलों और 5000 तहसीलों से संतों एवं गोभक्तों का दिल्ली में महासमागम होगा, जिसके पश्चात 15 अगस्त 2027 तक छह माह का शांतिपूर्ण गौ संकीर्तन आयोजित किया जाएगा।
पूर्णतः अहिंसक रहेगा आंदोलन
भारतीय गौ क्रांति मंच के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद कोठारी ने बताया कि आंदोलन पूर्णतः अहिंसक होगा। इसमें न कोई मंच होगा, न भाषण, न उद्घोषणा और न ही किसी प्रकार की सार्वजनिक या निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाई जाएगी। आंदोलन का एकमात्र प्रतीक गौमाता एवं नंदी महाराज का चित्र रहेगा, जबकि संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण के माध्यम से संदेश जन-जन तक पहुँचाया जाएगा।
प्रमुख उपस्थितजन
कार्यक्रम में कमल दीदी, प्रकाश दास जी महाराज, गोपाल मणि जी, प्रकाश नारायण जी, चंद्रमा दास जी, सोमेश्वर जी महाराज, वरिष्ठ स्वयंसेवक सुगन सिंह, महामंडलेश्वर पुष्पा बाई, ताराचंद कोठारी, धीरज भारद्वाज, कमल स्वामी, गौ सांसद आशीष मीणा सहित बड़ी संख्या में संत, गोसेवक और गौप्रेमी उपस्थित रहे।
आयोजन समिति ने देशभर के सभी नागरिकों, संतों और गौप्रेमियों से इस पवित्र, राष्ट्रहितकारी और निष्काम आंदोलन से जुड़ने की अपील की है।



