Rajasthan Biotech Conclave 2026: जयपुर में पहली बार बायोटेक महाकुंभ, 2000 से अधिक विशेषज्ञों की भागीदारी BioE3 विज़न के साथ राजस्थान को बायो-हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल

 



जयपुर | 2026। राजस्थान में पहली बार आयोजित राजस्थान बायोटेक कॉन्क्लेव 2026 ने राज्य को राष्ट्रीय जैव-प्रौद्योगिकी मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। इस भव्य कॉन्क्लेव का आयोजन Dr. B. Lal Institute of Biotechnology एवं AIC Banasthali Vidyapith द्वारा किया गया। कार्यक्रम को Biotechnology Industry Research Assistance Council (BIRAC) तथा Department of Science & Technology Rajasthan का समर्थन प्राप्त हुआ, जबकि Startup Innovation Council (SIC) DST Rajasthan सह-भागीदार के रूप में जुड़े रहे।

कॉन्क्लेव में 2000 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें उद्योग जगत के व्यवसायी, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, नीति-निर्माता, शिक्षाविद, स्टार्टअप उद्यमी तथा विद्यार्थी शामिल रहे।


उद्घाटन सत्र में दिग्गजों की उपस्थिति

उद्घाटन सत्र विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। प्रमुख वक्ताओं में शामिल रहे:

श्री वी. सरवाना, सचिव, डीएसटी, राजस्थान सरकार

डॉ. कृष्ण कांत पुलिचेरला, साइंटिस्ट ‘E’, डीएसटी, भारत सरकार

डॉ. छाया चौहान, चीफ मैनेजर एवं इंचार्ज–इन्क्यूबेशन, BIRAC

डॉ. मुरली रामचंद्र, सीईओ, ऑरिजीन लिमिटेड, बेंगलुरु

श्री सक्षम गुप्ता, उप निदेशक, डॉ. बी. लाल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी

डॉ. अभिषेक पारीक, सीईओ, एआईसी बनस्थली विद्यापीठ

अपने मुख्य संबोधन में श्री वी. सरवाना ने कहा कि BioE3 (Biotechnology for Economy, Environment & Employment) नीति राज्य में नवाचार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खोलेगी।



डॉ. कृष्ण कांत पुलिचेरला और डॉ. छाया चौहान ने जैव-प्रौद्योगिकी को भविष्य की आधारशिला बताते हुए कहा कि वर्तमान अनुसंधान भारत को वैश्विक बायोटेक शक्ति बनाने की क्षमता रखते हैं।

पहली पैनल चर्चा: “पॉलिसी से खुशहाली तक”

“पॉलिसी से खुशहाली तक: भारत के बायो-इनोवेशन दशक में राजस्थान का रोडमैप” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने भाग लिया:





डॉ. वी.एम. काटोच, पूर्व सचिव (DHR) एवं पूर्व महानिदेशक, Indian Council of Medical Research

प्रो. एन.के. लोहिया, एमेरिटस प्रोफेसर, प्राणीशास्त्र विभाग, University of Rajasthan

प्रो. अशोक पांडे, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, CEES, लखनऊ

प्रो. आलोक धवन, ICMR – डॉ. ए.एस. पेंटल विशिष्ट वैज्ञानिक चेयर, NCD डिवीजन

श्री चेला पांडियन पिचाई, AVP, ग्लोबल हेड – टैलेंट एवं लीडरशिप, Biocon Biologics

सत्र का संचालन डॉ. सुदीप्ति अरोड़ा ने किया। पैनलिस्टों ने राजस्थान में बायोटेक पार्क, इन्क्यूबेशन सेंटर और उद्योग–अकादमिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया।



दूसरी पैनल चर्चा: “समाज के लिए विज्ञान”

दूसरी पैनल चर्चा “समाज के लिए विज्ञान: जैव-प्रौद्योगिकी को सुलभ, समावेशी और प्रभावशाली बनाना” विषय पर आयोजित की गई। इसमें शामिल रहे:

डॉ. सारिका गुप्ता, डायरेक्टर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर, ग्रीनाथन टेक्नोलॉजीज प्रा. लि., बनस्थली विद्यापीठ

डॉ. बालासुब्रमण्यम एस, जनरल मैनेजर, ABLE

डॉ. अरुण सिंह, सीनियर जनरल मैनेजर, Zydus Research Centre

डॉ. राजपाल सिंह कश्यप, CIIMS, नागपुर

श्री राम प्रकाश, डायरेक्टर, रतन इंजीनियरिंग कंपनी प्रा. लि., भिवाड़ी एवं मेंटर, Bio Pure LLP

इस सत्र का संचालन डॉ. अभिषेक पारीक ने किया। पैनल में विज्ञान को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और बायोटेक्नोलॉजी को अधिक प्रभावशाली बनाने पर जोर दिया गया।

करियर कार्यशाला और समापन सत्र

कॉन्क्लेव में Biocon Biologics द्वारा विशेष करियर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं, कौशल विकास और करियर अवसरों की जानकारी दी गई।

समापन राउंड टेबल चर्चा में “BioE3 इन एक्शन: बायोटेक्नोलॉजी के जरिए इकॉनमी, एनवायरनमेंट और रोजगार को बढ़ावा” विषय पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

राजस्थान बनेगा अगला बायो-हब?

राजस्थान बायोटेक कॉन्क्लेव 2026 को राज्य में अपने प्रकार का पहला व्यापक आयोजन माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नीति, निवेश और नवाचार का समन्वय बना रहा, तो आने वाले वर्षों में राजस्थान देश के प्रमुख बायोटेक हब के रूप में उभर सकता है।

यह कॉन्क्लेव न केवल संवाद का मंच बना, बल्कि राज्य में बायोटेक आधारित उद्योगों, स्टार्टअप्स और शोध गतिविधियों को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण प्रयास भी साबित हुआ।

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