जयपुर, 7 फरवरी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सटीक जनगणना विकास योजनाओं का एक महत्वपूर्ण आधार है। जनगणना के दौरान संकलित आंकड़ों से ही केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का निर्धारण एवं प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो पाता है। इसलिए सभी कार्मिक जनगणना कार्य को राष्ट्रीय कर्तव्य मानकर पूरी निष्ठा से संपन्न करें।
मुख्यमंत्री शनिवार को जनगणना-2027 को लेकर वर्चुअली आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनगणना के पहले चरण, अर्थात मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य जितना सटीक होगा, व्यक्तियों की गणना का अगला चरण उतना ही त्रुटिरहित और सटीक होगा। उन्होंने कहा कि जनगणना एक संवैधानिक दायित्व है और इससे प्राप्त आंकड़े विकास की दिशा और आवश्यकताओं को स्पष्ट करते हैं।
उन्होंने कहा कि पुख्ता आंकड़ों से गांव-शहरों में बिजली, पानी, सड़क, शौचालय, स्कूल, चिकित्सालय, घरेलू गैस कनेक्शन सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति और आवश्यकता का आकलन संभव होता है। यदि आंकड़े सटीक नहीं होंगे तो योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन भी प्रभावी नहीं हो पाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन, राष्ट्रीय संसाधनों का उचित वितरण तथा अनुदान एवं सहायता का निर्धारण भी जनगणना आंकड़ों पर आधारित होता है। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार डिजिटल तकनीक के व्यापक उपयोग के साथ जनगणना कराई जाएगी। साथ ही, प्रथम चरण में 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिकों को स्वगणना का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना से जुड़े सभी कार्मिकों को गहन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि डेटा का पारदर्शी और त्रुटिरहित संकलन सुनिश्चित हो सके। साथ ही आमजन में व्यापक प्रचार-प्रसार कर उन्हें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य की सतत निगरानी की जाए, नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित हों और टीमों को प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत 1 मई से 15 मई तक स्वगणना एवं 16 मई से 14 जून तक मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए कार्मिकों के प्रति संवेदनशीलता बरती जाए।
इस दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, महा रजिस्ट्रार भारत सरकार मृत्युंजय कुमार नारायण सहित वरिष्ठ अधिकारीगण वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन में शामिल हुए।

