जयपुर।
भगवान महावीर कैंसर चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र में क्रिसमस डे के अवसर पर बाल कैंसर रोगियों एवं कैंसर से जंग जीत चुके बच्चों के लिए विशेष क्रिसमस सेलिब्रेशन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कैंसर केयर (महिला प्रकोष्ठ) और ड्रीम्ज़ फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य इलाज के कठिन दौर से गुजर रहे बच्चों और कैंसर विजेताओं के चेहरों पर मुस्कान लाना तथा उनमें सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना रहा।
कार्यक्रम में अस्पताल परिसर खुशियों, हंसी और उल्लास से भर उठा। बच्चों के लिए मनोरंजक गतिविधियों, खेलों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। क्रिसमस सेलिब्रेशन के दौरान बच्चों ने डांस, कविता और गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं, जिसे देखकर मौजूद सभी लोग भावुक हो उठे।
इस अवसर पर अस्पताल के अधिशासी निदेशक मेजर जनरल एस. सी. पारीक (सेवानिवृत्त) ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यक्रम में शामिल सभी बच्चे सच्चे फाइटर हैं। उन्होंने कहा कि इनमें कुछ बच्चे कैंसर की जंग जीत चुके हैं और कुछ अभी इस कठिन लड़ाई से गुजर रहे हैं, लेकिन सभी में जीवन के प्रति अद्भुत जज्बा और साहस देखने को मिलता है। इन बच्चों से हमें सीख लेनी चाहिए कि विपरीत परिस्थितियों में भी कैसे मुस्कुराकर आगे बढ़ा जाए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सांताक्लॉज रहे, जिन्होंने बच्चों को उपहार और चॉकलेट बांटी तथा उनके साथ खेल खेले। सांताक्लॉज ने बच्चों के साथ नृत्य कर माहौल को खुशनुमा बना दिया और कुछ पलों के लिए बच्चों को उनके दर्द, डर और तकलीफों से दूर ले जाकर खुशियों से भर दिया। बच्चों के लिए संगीतमय कार्यक्रम, खेल गतिविधियां और पास-द-पार्सल जैसे मनोरंजक खेल आयोजित किए गए, जिनमें सभी बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में सुमर कोठारी एवं प्रीयल गर्ग की ओर से बच्चों को उपहार वितरित किए गए, जिससे बच्चों के चेहरों पर विशेष खुशी और उत्साह देखने को मिला। उपहार पाकर बच्चों की आंखों में चमक और मुस्कान ने पूरे कार्यक्रम को भावनात्मक बना दिया।
चिकित्सालय की वरिष्ठ उपाध्यक्षा अनिला कोठारी ने बताया कि क्रिसमस के दिन बच्चों को सांताक्लॉज का बेसब्री से इंतजार रहता है और जैसे ही वे सांताक्लॉज को देखते हैं, उनके चेहरे खिल उठते हैं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों के जीवन में खुशी के ऐसे पल लाना हम सभी की जिम्मेदारी है और इस तरह के आयोजन बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने में सहायक होते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि ड्रीम्ज़ फाउंडेशन के माध्यम से अब तक अस्पताल में भर्ती 1 से 18 वर्ष की आयु के 4800 से अधिक बाल कैंसर रोगियों की इच्छाओं को पूरा किया जा चुका है, जो अपने आप में एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल है।
इस अवसर पर अस्पताल प्रशासन, कैंसर केयर और ड्रीम्ज़ फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि प्यार, अपनापन और खुशियों के छोटे-छोटे प्रयास भी बच्चों की जिंदगी में बड़ी उम्मीद और ताकत भर सकते हैं।

